‘राम’ के नाम पर प्रदर्शन पर विवाद, हरिद्वार के अधिवक्ता ने पप्पू यादव, राहुल गांधी व अवधेश प्रसाद को भेजा कानूनी नोटिस

नई दिल्ली में 31 जुलाई 2026 में संसद भवन के सामने पप्पू यादव सांसद ने भगवा वस्त्र पहनकर और राहुल गांधी सांसद और अवधेश प्रसाद सांसद ने चमड़े के जूते पहनकर प्रभु श्री राम के फोटो जो पप्पू यादव ने हाथ में लेकर दान लेने का एक नाटक किया उस कृत्य को देखते हुए हरिद्वार के अरुण भदोरिया एडवोकेट ने अपने अधिवक्ता श्री कमल भदोरिया एडवोकेट के माध्यम से पप्पू यादव सांसद, राहुल यादव सांसद और अवधेश प्रसाद सांसद को कानूनी नोटिस भेजा है नोटिस में बताया गया है की अरुण भदोरिया एडवोकेट ने 31 जुलाई 2026 की शाम लगभग 7:00 बजे अपने निवास स्थान पर टीवी चैनल के माध्यम से एक कार्यक्रम देखा व सुना और उस कार्यक्रम में श्री राम के चरित्र को भूमि पर रखकर ऐसे तरीके से प्रस्तुत इन तीनों के द्वारा किया गया जिस कारण स्वयं को और अनेक श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम के प्रति अनादर माना है और उनके द्वारा जानबूझकर किया जाना अपने नोटिस में बताया है ।

हिंदुस्तान का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन व सम्मान करने का अधिकार प्रदान करता है और इन तीनों को भी अन्य व्यक्तियों की धार्मिक आस्था व धार्मिक प्रतीकों का सम्मान करने की जानकारी नोटिस में दी गई परंतु अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान व श्रीराम मंदिर बन जाने के पश्चात यह तीनों कभी भी ना तो राम दर्शन के लिए गए और ना ही कभी उनके द्वारा राम मंदिर निर्माण में एक रुपया भी दान दिया गया और इसके बावजूद दिनांक 31.7.2026 में संसद भवन नई दिल्ली के सामने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का उपहास उड़ाया नोटिस में यह भी बताया गया कि इन तीनों की नजर में राम जी हो सकते हैं लेकिन हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों की आस्था में श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम है ।

भगवा वस्त्र जो साधु संतों का आभूषण है ,परंपरा है यह जानने के बावजूद भी साधु संतों के भगवा वस्त्र की परंपरा का भी अपमान किए जाने का नोटिस में उल्लेख किया गया है संसद भवन नई दिल्ली के सामने दिनांक 31.7.2026 में पप्पू यादव के द्वारा भगवा वस्त्र का दुरुपयोग कर भगवान राम की तस्वीर नीचे रखकर जो दान लेने का नाटक किया और उस नाटक में राहुल गांधी व अवधेश प्रसाद के द्वारा जूते पहनकर दान देना दिखाया है इन तीनों को पढ़ा लिखा होने की जानकारी होने के बावजूद इन तीनों को जानकारी है कि कभी भी और कहीं भी दान नंगे पैर अर्थात बिना जूते पहने दिया जाता है समाजवादी पार्टी के सिरमौर के कहने पर कार सेवकों पर गोलियां अयोध्या में चलाई गई थी जिसमें काफी कार सेवकों की की हत्या की गई,

इसके साथ ही वर्तमान शंकराचार्य अभीमुक्तेश्वरआनंद पर लाठियां बजाकर उनका शरीर लाल कर दिया और साधु संतों का अपमान किया और साधु संतों के ही वस्त्र पहनकर पप्पू यादव ने राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद के सहयोग से करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचा है साथ ही नोटिस में संसद भवन जिस देश की आन- बान -शान का प्रतीक बताया है जहां पर कानून का निर्माण होना व विधेयक पारित होना बताया है और उसी संसद के गेट के सामने बैठकर ससद जैसी पवित्र स्थल का भी अपमान बताया गया है और नोटिस के 3 दिन मिलने के भीतर भीतर तीनों को सनातनियों से हाथ जोड़कर क्षमा याचना करने के लिए कहा गया है नोटिस में यह भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्यों ना आप तीनों के विरुद्ध धारा 196, 299 ,302,3(5 )बी एन एस के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दिया जाए ,नोटिस भेजा गया है और यदि नोटिस का जवाब नहीं मिलता है तो हरिद्वार न्यायालय में अभियोग दर्ज कर दिया जाएगा

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