उत्तराखंड में हैट्रिक के साथ दो तिहाई बहुमत का लक्ष्य, नितिन नबीन ने दिया जीत का मंत्र

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश पदाधिकारी एवं विस्तारित कार्यसमिति बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उत्तराखंड में आगामी चुनाव में ऐतिहासिक हैट्रिक लगाते हुए दो तिहाई बहुमत की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। जिसके लिए उन्होंने विकास कार्यों और जनकल्याणकारी उपलब्धियों के आधार और नकारत्मक  राजनीति के कड़े प्रतिकार का मूल मंत्र दिया।

बैठक में उन्होंने कहा कि जिस तरह देश और प्रदेश में समाज को विभाजित करने की मंशा से कांग्रेस राजनीति कर रही है, उसका हमें लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देना है। भाजपा की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा वाले समर्पित कार्यकर्ताओं के रहते कोई भी सनातन संस्कृति और देवभूमि की साख को बदनाम नहीं कर सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग चुनावी मैदान में भाजपा से जीत नहीं सकते, वे अब छल और षड्यंत्रकारी राजनीति का सहारा ले रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनकी इस राजनीति का पर्दाफाश करेंगे और विकास व सकारात्मक मुद्दों को प्रमुखता से आगे रखेंगे।

नितिन नबीन ने कहा कि हमें केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों और साहसिक निर्णयों के दम पर जनता का विश्वास जीतना है और नकारात्मक राजनीति को समाप्त करना है। उन्होंने वंदे मातरम को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा कि जो लोग समाज को जातियों में बांटने की राजनीति कर रहे हैं, वही तुष्टीकरण के लिए राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का विरोध कर रहे हैं। राष्ट्रगीत आजादी की लड़ाई का मूल मंत्र और स्वतंत्र भारत का स्वाभिमान रहा है, जो ‘विकसित भारत’ के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगा।

जनता के भाजपा पर विश्वास को वोट में बदलने के लिए घर-घर जनसंपर्क का मूलमंत्र विस्तार से समझाया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के शानदार कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जनता का पूर्ण विश्वास भाजपा के साथ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता ने भाजपा के पक्ष में मन बना लिया है, अब कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे घर-घर जाकर अपनी सक्रियता से इस जनसमर्थन को वोटों में तब्दील करें।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर तय किया गया कि इस बार मंडल के स्थान पर शक्ति केंद्र आधारित रणनीति के साथ चुनाव में जाएगी। इसी तरह मोर्चा की भूमिका को अधिक बढ़ाते हुए उनसे मंडल और शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन को सक्रिय करने को कहा गया है। साथ ही साथ जो पूर्व में तीन बार के पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता, वर्तमान में किसी पद पर नहीं हो उन्हें भी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। बैठक में तय किया गया कि इस बार के विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने के साथ-साथ दो तिहाई बहुमत हासिल करने की दृष्टि से रणनीति बनाई जाएगी।

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