नगर पालिका परिषद मसूरी के सभागार में मसूरी में रोपवे नेटवर्क स्थापित किये जाने को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई. इसमें उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूकेएमआरसी) द्वारा मसूरी में प्रस्तावित रोपवे परियोजना के विभिन्न संभावित रूटों की व्यवहार्यता पर चर्चा की गई. इसमें मसूरी में प्रस्तावित रोपवे नेटवर्क को लेकर गहन चर्चा हुई. इस बैठक में स्थानीय प्रशासन, तकनीकी विशेषज्ञ, संबंधित विभागों के अधिकारी और परियोजना से जुड़े स्टेकहोल्डर शामिल हुए. बैठक में मसूरी जैसी पर्यटन नगरी में बढ़ते पर्यटक दबाव, यातायात की जटिल समस्याओं और सीमित भौगोलिक संसाधनों के चलते रोपवे परियोजना को विकास की अनिवार्यता बताया गया.
बैठक की विशेष उपस्थिति में मसूरी विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी भी मौजूद रहीं. दोनों जनप्रतिनिधियों ने मसूरी जैसे संवेदनशील और पर्यटन प्रधान क्षेत्र में रोपवे परियोजना को लागू करने से पहले जरूरी सावधानियों पर जोर दिया. कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रोपवे परियोजना को आगे बढ़ा रही कंपनी के अधिकारियों से कहा कि-
मसूरी रोपवे नेटवर्क का शिलान्यास करने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए, कि सभी विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं और प्रस्तावित मार्ग के लिए भूमि उपलब्ध है. ऐसा न हो कि परियोजना का उद्घाटन कर दिया जाए और बाद में वन भूमि, छावनी क्षेत्र या निजी संपत्तियों को लेकर अड़चनें सामने आएं. मसूरी जैसे हिल स्टेशन में भूमि उपयोग और पर्यावरणीय मंजूरियों की जटिल प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसको लेकर कम्पनी पहले ही काम कर ले.
-गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री-
बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि मसूरी में रोपवे नेटवर्क को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और ट्रैफिक की समस्या से राहत मिले. लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि-
- सभी विभागों से पहले से स्वीकृति मिल जाए.
- पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव का समुचित आकलन हो.
- भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और विवाद रहित हो
- स्थानीय लोगों से संवाद कर उनके सुझाव लिए जाएं