घटना कैंट क्षेत्र की है, जहां पूर्व पार्षद हितेश गुप्ता द्वारा खुलेआम कानून की धज्जियाँ उड़ाए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे कार्यों से न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि आम जनता में भी रोष व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित गतिविधियाँ बिना किसी भय के निरंतर जारी हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर यह सब किसके संरक्षण में चल रहा है। जनता का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो इससे गलत संदेश जाएगा और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने पुलिस विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि नियमों के उल्लंघन की अनुमति किसके द्वारा और किन परिस्थितियों में दी जा रही है।