देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में एक पूर्व सैनिक की संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। पीड़ित पूर्व NSG कमांडो एवं 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद राहत एवं बचाव अभियान में तैनात रहे पूर्व सैनिक राकेश कुमार ने अपने ही भाई पर मकान पर कब्जा करने और न्यायालय के आदेश के बावजूद उसे खाली न करने का आरोप लगाया है।
राकेश कुमार मूल रूप से रानीखेत के निवासी हैं और 2017 में उन्होंने प्रेमनगर के विंग 4 में सेवा में रहते हुए मकान खरीदा था। उन्होंने अपने भाई विजय कुमार को मकान में रहने की अनुमति इस उद्देश्य से दी थी कि मकान की देखरेख होती रहे और संपत्ति सुरक्षित रहे। आरोप है कि सेवानिवृत्ति के बाद जब राकेश कुमार ने अपने भाई से मकान खाली करने को कहा, तो विजय कुमार ने मकान खाली करने से इनकार कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने मामले को लेकर न्यायालयका दरवाजा खटखटाया, जहां से विजय कुमार को मकान खाली करने का आदेश दिया गया। हालांकि, राकेश कुमार का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक मकान खाली नहीं किया गया है, जिसके चलते उन्हें अपनी ही संपत्ति के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
राकेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले में विजय कुमार को कथित तौर पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं और भू-माफिया से जुड़े लोगों का संरक्षण प्राप्त है। पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शिकायत और न्यायालय के आदेश के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
राकेश कुमार ने प्रशासन और पुलिस से मामले में न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने, उनकी संपत्ति को कब्जे से मुक्त कराने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।