हरिद्वार जिले में राजस्व उपनिरीक्षक पर गिरी गाज, तथ्य छुपाने के आरोप पर हुआ निलंबित

राजस्व कार्यों में लापरवाही और निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करना एक राजस्व उपनिरीक्षक को भारी पड़ गया. मामला नामांतरण वाद प्रकरण से जुड़ा है. जिसमें तथ्यों को पूरी तरह स्पष्ट किए बिना आख्या प्रस्तुत करने के मामले में संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र शेट ने राजस्व उपनिरीक्षक अतुल रावत के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है. निलंबन के साथ ही संबंधित क्षेत्र का प्रभार हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. प्रशासन की कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.

प्रशासन के मुताबिक, नामांतरण से संबंधित एक वाद में राजस्व उपनिरीक्षक अतुल रावत की ओर से प्रकरण की आख्या प्रस्तुत की गई थी. आरोप है कि आख्या में मामले से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखा गया. प्रकरण सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया. संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पहले से जांच प्रचलित बताई गई है.

जांच और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट ने राजस्व उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए. साथ ही संबंधित क्षेत्र में राजस्व कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए प्रभार हस्तांतरण की कार्रवाई करने को कहा गया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांतरण, राजस्व अभिलेखों और अन्य संबंधित कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुचारु रूप से संचालित होते रहें.

प्रशासन की कार्रवाई को राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अधिकारियों की मानें तो राजस्व से जुड़े न्यायिक और अर्द्धन्यायिक मामलों में प्रस्तुत की जाने वाली आख्या में सभी तथ्यों को स्पष्ट एवं निष्पक्ष रूप से दर्ज किया जाना जरूरी है. किसी तथ्य को छिपाकर या अधूरी जानकारी के आधार पर आख्या प्रस्तुत करने से प्रकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *