उत्तराखंड में बागेश्वर में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए. इस दौरान लोगों के बीच भूकंप के झटके चर्चा का विषय बना रहा. जबकि कुछ लोगों के बीच डर का माहौल भी दिखा. भूकंप का केंद्र कपकोट के पास बताया गया है. गमीनत रही कि इस भूकंप में किसी भी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई. हालांकि झटकों के बाद आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गया है.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, बागेश्वर में 5 मार्च (रविवार) की सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर भूकंट के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई. जबकि भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर गहराई पर दर्ज किया गया. हालांकि कई लोगों के काम में मशगूल होने के कारण भूकंप का पता भी नहीं चला. अभी तक भूकंप से किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है. फिलहाल प्रशासन सर्तक हो गया है. फिलहाल जिला आपदा प्रबंधन विभाग जिले के सभी इलाकों में सुरक्षा के दृष्टिगत जानकारी जुटा रहा है.
खास बात है कि इस साल सिर्फ बागेश्वर जिले में ये तीसरा भूकंप है. सबसे पहले 13 जनवरी को बागेश्वर में रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. इसके बाद 6 फरवरी को 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था. अच्छी बात है कि दोनों ही भूकंप के दौरान किसी भी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई थी.
गौर है कि उत्तराखंड, भूकंप के दृष्टिगत संवेदनशील राज्य है. आए दिन राज्य में भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. यही कारण है कि उत्तराखंड को भूकंप के लिहाज से जोन 6 में रखा गया है. हालांकि, पहले उत्तराखंड को भूकंप की संवेदनशीलता के आधार पर जोन 4 और 5 में रखा गया था. लेकिन साल 2025 में इंडियन स्टैंडर्ड ब्यूरो (भारतीय मानक ब्यूरो) ने देशभर में भूकंप की संवेदनशीलता को देखते हुए नया मैप जारी किया. जिसमें उत्तराखंड को जोन 6 में शामिल किया गया है.