भीमगोड़ा बैराज से गंगा में पानी छोड़े जाने के कारण शनिवार को अचानक जलस्तर बढ़ गया. इससे दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के पास गंगा के बीच बने टापू पर स्नान करने पहुंचे 35 श्रद्धालु फंस गए. गंगा का प्रवाह तेज होने और चारों ओर पानी भरने के कारण श्रद्धालु टापू से बाहर नहीं निकल पाए. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, जल पुलिस और 40वीं वाहिनी पीएसी के आपदा राहत दल ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया. टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी श्रद्धालुओं को बोट के जरिए सकुशल टापू से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. समय रहते चलाए गए अभियान से बड़ा हादसा टल गया.
एसडीआरएफ एसआई आशीष त्यागी के अनुसार, शनिवार को सुबह करीब 11 बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि भीमगोड़ा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया. इस दौरान दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग पंतद्वीप के पीछे गंगा के बीच बने टापू पर स्नान करने पहुंचे श्रद्धालु पानी से घिर गए. देखते ही देखते टापू के चारों ओर गंगा का पानी बढ़ने लगा. पानी बढ़ने से श्रद्धालुओं में अफरा तफरी मच गई.
श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना आपदा कंट्रोल रूम को दी गई. इसके बाद कंट्रोल रूम ने तत्काल एसडीआरएफ को रेस्क्यू के लिए सूचित किया. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची. वहां जल पुलिस और 40वीं वाहिनी पीएसी के आपदा राहत दल की टीम भी पहुंच गई. तीनों टीमों ने आपसी समन्वय से बचाव अभियान शुरू किया.
गंगा का बहाव तेज होने और जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ था. इसके बावजूद बचाव टीम ने सूझबूझ और सावधानी के साथ टापू पर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई. इसके बाद एक एक कर बोट के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.