केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान देखने को मिला. अमित शाह के दौरे के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर गृह मंत्री के आगमन पर अपना विरोध जताया. साथ ही काले गुब्बारे हवा में छोड़कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने की. कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार उत्तराखंड की जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई हैं.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश की जनता आज महंगाई, बेरोजगारी और बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय बड़े-बड़े आयोजनों में व्यस्त है. महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा जब तक प्रदेश की महिलाओं और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष और विरोध जारी रहेगा.
वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया. इस मौके पर गणेश गोदयाल ने कहा कि अंकिता बेटी के सम्मान की लड़ाई को सरकार उस बेटी के परिजनों से हरवाना चाहती है. इस प्रकरण में उनका एक कथित नेता लिप्त था.
उन्होंने कहा हमारी बेटियों के सम्मान के साथ सरकार ने नाइंसाफी करते हुए कथित दोषी को उच्च पद पर बैठा दिया है. गृहमंत्री के उत्तराखंड आगमन के दृष्टिगत बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इसके सिवा उनके पास और कोई चारा नहीं बचता है. आज अंकिता भंडारी हत्याकांड , पहाड़ों में जंगली जानवरों के आतंक, अग्नि वीर योजना ,सहकारी विभाग में कथित अनियमितताओं जैसे कई प्रश्न खड़े हैं. उसके बावजूद सरकार इन सभी प्रमुख विषयों पर मौन साधे हुए हैं.