कैंट बोर्ड, छावनी परिषद का काला कारनामा, खुद जानते हुए भी अनजान बने अधिकारी और कर्मचारी, ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि प्रेमनगर के पूर्व पार्षद हितेश गुप्ता का ये अवैध निर्माण जो बदस्तूर जारी है उस पर अधिकारी एवं कर्मचारियों की नजर ही ना पड़े आखिर किस की शह पर आखिर इस अवैध निर्माण को अनदेखा किया जा रहा है वही ना तो इंडियन मिलटरी अकादमी से इसकी एं न ओसी मिली है ना ही भारतीय राजमार्ग प्रधिकरण से इसकी स्वीकृति ली गई है ऐसा सूत्रों से ज्ञात हुआ है और सब जानते हुए आखिर कैंट बोर्ड क्यों कार्यवाही ना कर आपने आँख नाक कान बंद किये हुए है इसको लेकर पूरे प्रेमनगर क्षेत्र में चर्चा जोरों पर है आखिर कब कार्यवाही होंगी इसको लेकर चर्चा खूब जोरों से जारी है आखिर देखना है बिल्ली के सिर में कौन घंटी बानने का शाहस दिखा पाता है.
