फिर चर्चाओं में एम्स ऋषिकेश, अस्पताल की छत पर चढ़ा मरीज, किया आत्महत्या का प्रयास

उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) कई कारणों से हमेशा चर्चाओं में रहता है. कभी डॉक्टरों की मेहनत से जटिल सर्जरी कर रोगी को नया जीवन दान देने की चर्चा तो कभी स्वास्थ्य संबंधी जांच न होने पर बाहर प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर लगाने को बेबस मरीजों के परेशान होने के कारण चर्चा. इन विभिन्न वजहों से चर्चाओं में रहने के बावजूद भी अब एक नए मामले ने एम्स को फिर चर्चाओं में ला दिया है.

घटना 25 मार्च (बुधवार) सुबह 11 बजे की है. जहां एक रोगी, अस्पताल के मनोरोगी विभाग की छठी मंजिल की छत पर चढ़ गया और वहां से छलांग लगाने की कोशिश करने लगा. घटना से पूरे अस्पताल में अफरा तफरी मच गई. घटना ने अस्पताल परिसर में मौजूद सैकड़ों लोगों की सांसें फुला दीं.

जैसे ही सुरक्षाकर्मियों ने युवक को छत की मुंडेर पर देखा, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला. युवक को कूदने से रोकने के लिए नीचे खड़े सुरक्षाकर्मियों ने उससे बातचीत शुरू की और उसे बातों में उलझाए रखा. इसी बीच, मौके पर मौजूद एक अन्य मरीज के तीमारदार ने अदम्य साहस का परिचय दिया. वह बिना आहट किए चुपके से छत पर पहुंचा और युवक को पीछे से पकड़कर सुरक्षित खींच लिया. तुरंत ही दो अन्य सुरक्षाकर्मी भी वहां पहुंच गए और स्थिति पर काबू पाया.

घटना के बारे में जानकारी देते हुए एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलोय मोहंती ने बताया कि, मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को इलाज के लिए एम्स में लाया गया था. इस दौरान तीमारदार पर्ची बनाने के लिए ओपीडी की लाइन में लग गया. जबकि युवक इलाज नहीं कराने की जिद पर अड़ गया.

इस दौरान अचानक उसने परिजनों से हाथ छुड़ाया और भागने लगा. भागते-भागते वह एम्स की छठी मंजिल पर लगे गेट की कुंडी को तोड़कर छत पर चढ़ गया. सुरक्षा कर्मियों की सूझबूझ और एक अन्य तीमारदार की मदद से स्थिति को काबू में किया गया. इस पूरी घटना के दौरान मौजूद मरीज, तीमारदार और चिकित्साकर्मी दहशत में रहे. फिलहाल सुरक्षा अधिकारी युवक और उसके परिजनों से पूछताछ कर रहे हैं. इस घटना ने एम्स ऋषिकेश में तैनात सुरक्षा कर्मियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

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