उत्तराखंड की धामी सरकार एक बार फिर से एक्शन मोड में है. शासन-प्रशासन ने फिर से अवैध निर्माणों व अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोज़र कार्रवाई को तेज़ कर दी है. इस बार अभियान की शुरुआत कुमाऊं मंडल के उधम सिंह नगर जिले से की गई है. यह अभियान अब चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में चलाया जा रहा है और प्रशासनिक स्तर पर इसे लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि सरकारी जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अतिक्रमण अभियान के तहत राज्य सरकार के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 580 अवैध संरचनाओं को हटाया जा चुका है. इनमें छोटे मंदिर, गुरुद्वारों की दीवारें और मजीद व अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं, जिन्हें बिना अनुमति या नियमों के विपरीत सरकारी जमीनों पर खड़ा किया गया था. इसके अलावा लगभग 200 ऐसे मामले भी चिन्हित किए गए हैं, जिन पर या तो अदालत में सुनवाई चल रही है या फिर प्रशासन जल्द ही कार्रवाई की तैयारी में है. अब सरकार इसी तरह के स्थानों की एक पूरी रिपोर्ट तैयार कर रही है.
सरकार का विशेष फोकस फिलहाल तराई के जिलों पर है, जहां अतिक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल जैसे जिलों में बड़ी संख्या में सरकारी भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायतें वर्षों से सामने आती रही हैं. हाल के महीनों में प्रशासन ने इन इलाकों में सर्वे और चिन्हांकन का काम तेज़ किया है, जिसके बाद उन निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जा रही है.
स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनों का रिकॉर्ड खंगालें और जहां भी अवैध निर्माण पाए जाएं, वहां बिना देरी कार्रवाई करें. इस अभियान में पुलिस बल की भी तैनाती की जा रही है, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े.
वहीं प्रशासन की तरफ से बताया कि उन्हें उधम सिंह नगर जिले में इसी तरह के तीन अवैध निर्माण की सूचना मिली थी, लेकिन जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां सरकारी भूमि पर सात अवैध निर्माण मिले, जिन पर तुरंत एक्शन लिया गया. उधम सिंह नगर जिला अधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है और इसी दिशा में यह कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी. जनपद में और भी कुछ ऐसी जगह है, जहां पर जल्द कार्रवाई की जाएगी.