राजधानी देहरादून के बहुचर्चित पुष्पांजलि इंफ्राटेक जमीन घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. करीब 90 फ्लैट खरीदारों से 45 करोड़ रुपए की ठगी कर विदेश भागने वाली आरोपी राखी मित्तल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है. इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर कार्रवाई करते हुए राखी को दुबई पुलिस के सुपुर्द किया है. देहरादून पुलिस उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है. वहीं अभी तक दीपक मित्तल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है. माना जा रहा है कि उसे भी जल्द इंटरपोल गिरफ्तार कर सकती है या पत्नी की गिरफ्तारी के बाद वह दबाव में सरेंडर कर सकता है.
बता दें कि दीपक मित्तल और उसकी पत्नी राखी मित्तल ने सहस्रधारा रोड पर ‘ऑर्किड पार्क’ नाम से ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया था. साल 2020 में दंपति अपने बच्चों के साथ रातों-रात गायब हो गया. जांच में सामने आया कि उन्होंने 90 निवेशकों से 45 करोड़ रुपये वसूले थे, लेकिन साल 2018 से ही निर्माण कार्य बंद पड़ा था. साथ ही इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है और पूर्व में करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है. एसटीएफ ने इससे पहले दीपक के पिता अश्वनी मित्तल को गिरफ्तार किया था, जबकि पार्टनर राजपाल वालिया भी जेल जा चुका है.
पुष्पांजलि फ्लैट फ्रॉड मामले में 90 खरीदारों से कुल ठगी- 45 करोड़ रुपये की गई. पंजाब नेशनल बैंक का 21 करोड़ रुपये का लोन एनपीए घोषित है.मामले में देहरादून पुलिस में करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं. वहीं प्रोजेक्ट की जमीन की कीमत करीब 150 करोड़ रुपए है. एडीजी वी मुरुगेशन ने बताया है कि राखी मित्तल के भारत आने के बाद दून पुलिस के साथ-साथ ईडी भी उसे रिमांड पर लेगी. जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि फरार होने से पहले कंपनी के खाते से 7.46 करोड़ रुपए करीबियों के खातों में ट्रांसफर किए गए थे.
राखी से पूछताछ के बाद उन सफेदपोशों और सहयोगियों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जिन्होंने इस फर्जीवाड़े में मित्तल दंपति की मदद की थी. उत्तराखंड पुलिस ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और राखी की गिरफ्तारी मुख्य आरोपी दीपक मित्तल तक पहुंचने की दिशा में एक बड़ा कदम है.