जनपद मुख्यालय के बड़ेथी क्षेत्र में स्थित पोखु देवता मंदिर के समीप बीती देर रात्रि जंगल में अचानक भीषण आग भड़क उठी. देर रात लगी आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया. तेज हवाओं और सूखी वनस्पतियों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और इसकी लपटें आवासीय बस्ती तथा गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के बेहद करीब तक पहुंच गईं. रात के अंधेरे में जंगल से उठती आग की ऊंची लपटों और धुएं को देखकर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों के साथ ही आसपास ठहरे यात्रियों में भी भय का माहौल बन गया. घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई.
एफएसएसओ नरेंद्र रावत के नेतृत्व में पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने हालात का जायजा लेते हुए सबसे पहले आग को आबादी क्षेत्र और हाईवे की ओर बढ़ने से रोकने का अभियान शुरू किया. आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि कुछ समय के लिए हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों में भी दहशत का माहौल बन गया.
इसी दौरान आग से उठ रहे घने धुएं के कारण समीप स्थित एक गेस्ट हाउस भी खतरे की जद में आ गया. गेस्ट हाउस में चारधाम यात्रा पर आए करीब 70 यात्री ठहरे हुए थे. धुएं के तेजी से फैलने और आग के करीब पहुंचने के कारण स्थिति बेहद गंभीर बन गई. फायर सर्विस कर्मियों ने बिना समय गंवाए गेस्ट हाउस में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने जंगल में लगी आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत शुरू की. कई घंटों तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया. स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई और साहस की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंचती तो आग बस्ती तक पहुंच सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था.
उत्तरकाशी के ग्राम गौरसाली में एक आवासीय भवन में भीषण आग लगने की सूचना प्राप्त होने पर SDRF टीम तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई. उप निरीक्षक गब्बर सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, फायर सर्विस एवं स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से बचाव राहत अभियान चलाया.
घटनास्थल पर पहुंचने पर ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे. SDRF टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया तथा आग को आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से रोका गया. इस अग्निकांड में दो मवेशियों की झुलसने से मौत हो गई. आग से प्रभावित मकान ग्राम गौरसाली निवासी देवेंद्र सिंह रावत पुत्र तारा चंद्र रावत का बताया जा रहा है.