Dehradun में करोड़ों में होना था Radioactive Device का सौदा, मामले में सामने आया पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन का नाम – Doon Ujala

Dehradun में करोड़ों में होना था Radioactive Device का सौदा, मामले में सामने आया पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन का नाम

 रेडियो एक्टिव डिवाइस मामले में पुलिस ने पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन को भी आरोपित बनाया है। पुलिस उन्हें जल्द गिरफ्तार कर सकती है। वहीं, दो लोगों को पुलिस ने सहारनपुर और नोएडा से हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है।शुक्रवार को पांच लोगों को पुलिस ने रेडियो एक्टिव डिवाइस के साथ राजपुर रोड स्थित ब्रुक एंड वुड्स सोसायटी में पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। पुलिस की अब तक की जांच में धोखाधड़ी की बात सामने आ रही है। इसलिए पुलिस ने मुकदमे में धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ाई हैं।

करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाना चाहते थे आरोपित

आरोपित रेडियो एक्टिव डिवाइस को महंगे दाम पर बेचकर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाना चाहते थे। गिरफ्तार आरोपित तबरेज आलम ने सहारनपुर के राशिद उर्फ समीर से पांच लाख रुपये में यह डिवाइस खरीदी थी और वह कार से इसे देहरादून लाया था। यहां पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन के फ्लैट में इसका सौदा होना था, जिसके लिए अन्य आरोपित भी बुलाए गए थे। तभी पुलिस को भनक लग गई। श्वेताभ सुमन झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तैनात रहे हैं।

शुक्रवार को पुलिस ने विजयनगर आगरा निवासी सुमित पाठक, रिढी ताजपुर, बेहट, सहारनपुर, निवासी तबरेज आलम, मोहन गार्डन उत्तम नगर, नई दिल्ली निवासी सरवर हुसैन, बड़ोवाली मस्जिद, थाना जहांगीराबाद, भोपाल निवासी जैद अली और टाप रेजिडेंसी, करोल, भोपाल निवासी अभिषेक जैन को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से रेडियो एक्टिव डिवाइस बरामद की थी। आरोपित राजपुर रोड पर जाखन में ब्रुक एंड वुड्स सोसाइटी स्थित फ्लैट में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार यह फ्लैट पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन ने आरोपितों को किराये पर दिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, पूछताछ में आरोपित तबरेज आलम ने पुलिस को बताया कि सहारनपुर निवासी राशिद उर्फ समीर उसका परिचित है। 10-11 महीने पहले राशिद ने उसे बताया कि उसके पास रेडियो एक्टिव डिवाइस है, जो करोड़ों में बिकती है। उसे रुपयों की सख्त जरूरत है, ऐसे में वह उसे सस्ते में बेच रहा है। तबरेज आलम ने यह डिवाइस पांच लाख रुपये में खरीद ली और इसे महंगे दाम में बेचने की फिराक में लग गया। वह पूर्व में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली में पढ़ चुका है।वहीं उसकी मुलाकात लव मल्होत्रा से हुई थी, जिसने उसे बताया कि उसका एक परिचित सुमित पाठक है, जो कि रेडियो एक्टिव डिवाइस के बारे में काफी जानकारी रखता है। इसके बाद लव मल्होत्रा ने तबरेज आलम की मुलाकात सुमित पाठक से करवाई। डिवाइस बेचने के लिए उन्होंने परिचित सरवर हुसैन को साथ जोड़ा और सुमित पाठक ने सौदा पक्का करने और डिवाइस चेक करने के लिए उन्हें देहरादून बुलाया।

श्वेताभ सुमन की शह पर उनके फ्लैट पर हुआ था सौदा

आरोपितों ने रेडियो एक्टिव डिवाइस के सौदे के लिए पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन से किराये पर उनका फ्लैट लिया। श्वेताभ सुमन ने सुमित पाठक को इस बात का भरोसा दिलाया था कि वह काफी प्रभावशाली व्यक्ति है और उसके घर पर पुलिस नहीं आ सकती।आरोपित तबरेज अपनी कार से रेडियो एक्टिव डिवाइस लेकर देहरादून पहुंचा। वहीं, सुमित पाठक व उसके परिचित सरवर हुसैन को भी सौदे के लिए बुलाया। सुमित पाठक अपने साथ जैद अली व अभिषेक जैन को लाया। सभी आरोपित सुमित पाठक के साथ डिवाइस खरीदारी में अपना हिस्सा चाहते थे। आरोपित सुमित को उम्मीद थी कि रेडियो एक्टिव डिवाइस को बेचकर करोड़ों का मुनाफा होगा।

जांच के लिए डिवाइस भेजी जाएगी मुंबई

एसएसपी ने बताया कि डिवाइस में केमिकल की जांच के लिए उसे मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र भेजा जा रहा है। शनिवार को सभी आरोपितों को कोर्ट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपित श्वेताभ सुमन को जल्द गिरफ्तार कर सकती है। वहीं, हिरासत में लिए गए दो आरोपितों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के दौरान यदि किसी के नाम सामने आते हैं तो उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।

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