जिले के टनकपुर में शारदा कॉरिडोर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट है. लेकिन यहां सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट का टनकपुर नगर पालिका मखौल उड़ा रही है. नगर पालिका प्रशासन द्वारा लम्बे समय से शारदा नदी के किनारे ही कूड़ा डंपिंग जोन बनाकर शहर भर का कूड़ा डाला जा रहा है. कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध एवं इसको जलाने से हो रहा धुंआ पूरे शारदा घाट इलाके को प्रदूषित कर रहा है. पूर्णागिरि आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के पार्किंग स्थल पर खड़ा होना मुश्किल हो जाता है. इस सबके बावजूद ना एनजीटी और ना प्रशासन इस ओर संजीदा दिख रहे हैं.
पूरे देश में स्वच्छता मिशन को लेकर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं. वहीं बात उत्तराखंड की की जाए तो शहरों में कूड़ा प्रबंधन को लेकर शहरी विकास विभाग द्वारा अनेकों योजनाओं को धरातल पर उतारा गया है. इस सबके बावजूद सीएम धामी की विधानसभा सीट चंपावत की टनकपुर नगर पालिका परिषद द्वारा स्वच्छ भारत मिशन का मखौल उड़ाया जा रहा है. नगर पालिका द्वारा नगर पालिका क्षेत्र के शारदा घाट इलाके में बहने वाली पवित्र शारदा नदी के किनारे कूड़ा डंपिंग जॉन बनाया गया है. यहां पर पूरे नगर का कूड़ा नगर पालिका प्रशासन द्वारा फिंकवाया जा रहा है. कूड़े के ऊंचे ऊंचे ढेर उनमें लगी आग, दुर्गंध एवं पूरे इलाके में कूड़े से उठता धुआं लगातार प्रदूषण को बढ़ा रहा है.

एक तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा शारदा कॉरिडोर के रूप में करोड़ों की विकास योजनाओं के माध्यम से शारदा घाट सौंदर्यीकरण सहित धार्मिक नगरी टनकपुर को संवारने की कवायद की जा रही है. दूसरी तरफ नगर पालिका प्रशासन पूरे नगर के कूड़े को शारदा नदी के किनारे डालकर सीएम धामी की शारदा कॉरिडोर की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाती दिख रही है.
कूड़े के ढेर से लगे मां पूर्णागिरि यात्रियों के पार्किंग स्थल पर आने वाले हजारों तीर्थ यात्री दुर्गंध एवं कूड़े के ढेर में लगी आग से उठते धुंए से लगातार परेशान हो रहे हैं. नगर पालिका द्वारा जहां कूड़े को इकट्ठा किया जाता है, उस इलाके के पीछे आबादी व उप जिला चिकित्सालय भी मौजूद है. फिलहाल एनजीटी के नियमों का जहां लगातार नगर पालिका टनकपुर द्वारा मखौल उड़ाया जा रहा है वहीं पूर्णागिरि तीर्थ यात्री एवं स्थानीय लोग कूड़े स्थल को वहां से हटा आबादी से दूर किए जाने की बात कह रहे हैं.

टनकपुर में पवित्र शारदा नदी के किनारे नगर पालिका द्वारा बनाया गया कूड़ा डंपिंग स्थल को ना तो नगर पालिका प्रशासन द्वारा कवर किया गया है, ना ही उक्त स्थान पर कूड़ा निस्तारण की फिलहाल कोई व्यवस्था रखी गई है. उसके उलट कूड़े के ढेर में आग लगी हुई है, जिससे लगातार उठता जहरीला धुआं स्थानीय लोगों के साथ-साथ हजारों की संख्या में आने वाले तीर्थ यात्रियों को भी परेशान कर रहा है. कूड़े के ढेर में गो वंशीय पशुओं का जमावड़ा लगा है. ये पशु कूड़े के ढेर से पन्नियों व अन्य प्रदूषित चीजों को खाकर अपनी जान को खतरे में डाल रहे हैं.
प्रभारी अधिशासी अधिकारी ने माना कि शारदा नदी के किनारे से कूड़ा स्थल हटाने की नगर पालिका की फिलहाल कोई योजना नहीं है. बड़ा सवाल अब यह उठता है कि स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी के चंपावत जिले को आखिर इन हालातों में किस तरह स्वच्छ सुंदर एवं आदर्श मॉडल जिला बनाया जा सकेगा.