देहरादून के ‘गायब’ बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज, परिवार भी नामजद, करोड़ों हड़पने का आरोप

दीपावली के बाद से परिवार समेत फरार बिल्डर शाश्वत गर्ग के खिलाफ अंतरिम सोसाइटी प्रबंधन समिति आर्केडिया हिलाक्स अध्यक्ष ने थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने शाश्वत गर्ग, पत्नी,पिता,मां,शाश्वत के दो साले सहित बैंक अधिकारियों ओर कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.पुष्पांजलि इंफ्राटेक के बाद आवासीय परियोजन के नाम पर शहर में नया फर्जीवाड़ा करते हुए निवेशकों ओर बैंकों के करोड़ों रूपये लेकर गर्ग परिवार गायब हो गया. शाश्वत पर आरोप है कि एक ही फ्लैट एक से अधिक निवेशकों को बेचा गया है. फर्जी तरीके से बैंकों से लोन भी लिया गया है.

अंतरिम सोसाइटी प्रबंधन समिति आर्केडिया हिलाक्स अध्यक्ष विवेक राज ने शिकायत दर्ज कराई है कि मसूरी रोड पर एक अपार्टमेंट का निर्माण अतुल गर्ग निवासी राजनगर गाजियाबाद की जमीन पर किया जा रहा है. प्रोजेक्ट का निर्माण प्रवीण गर्ग और उनके बेटे शाश्वत गर्ग निवासी ऊषा कॉलोनी देहरादून की ओर से किया जा रहा है.इसमें शाश्वत गर्ग की पत्नी साक्षी गर्ग भी शामिल है. प्रोजेक्ट में शाश्वत के साले उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी कुशल गोयल और सुलभ गोयल भी साझेदार हैं.

पीड़ित ने बताया गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के डेवलपर्स व डायरेक्टर ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को प्रोजेक्ट संबंधी दस्तावेज नहीं दिए. जिस कारण एमडीडीए ने रेरा को पत्र लिखकर प्रोजेक्ट में फ्लैट की रजिस्ट्री करने से रोक लगा दी. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने और अन्य बिल्डर ने यह इसलिए किया क्योंकि उनके दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर जाली हस्ताक्षर के साथ फर्जी एग्रीमेंट, अलाटमेंट, सेल एग्रीमेंट आदि लगाए थे. फ्लैट के नाम पर बिल्डरों ने एक संगठित गिरोह बनाकर सेना अधिकारियों को धोखा देकर अनुचित लाभ कमाया.

दरअसल, गर्ग परिवार ने पूरे घोटाले की कहानी मार्च 2014 में बनाई. बिल्डर शाश्वत गर्ग के राजनगर, गाजियाबाद निवासी ताऊ अतुल गर्ग ने गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ संयुक्त रूप से कुठालगेट मसूरी रोड स्थित 7296 वर्ग गज की जमीन का करार राजेंद्र कुमार के साथ किया. उसके बाद गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हरेंद्र सिंह, सन्नी अग्रवाल, दिनेश कुमार गोयल और अंजली गर्ग ने 18 मार्च 2015 को शाश्वत गर्ग के नाम पावर ऑफ अर्टानी कर दी. अंजली गर्ग, कोई और नहीं बल्कि शाश्वत की मां है. इसी दिन अतुल गर्ग ने भी अपनी हिस्सेदारी की पावर ऑफ अर्टानी शाश्वत के नाम की. उसे न्यायालय में पंजीकृत करा लिया. उसके बाद अतुल गर्ग ने 28 अगस्त 2017 को अपने भाई और शाश्वत के पिता प्रवीण गर्ग के नाम एक और पावर ऑफ अर्टानी की. जिसमें उसे बकरालगांव स्थित रिहायशी फ्लैट के दो टावर का अधिकार दे दिया गया. यह परियोजना बकरालगांव मसूरी रोड पर है. जिसमें वर्तमान में सात मंजिला आवासीय फ्लैट के कई टावर खड़े हैं. इस संपत्ति पर रेरा ने अक्टूबर 2017 में आर्केडिया हिलाक्स के नाम से गोल्डन एरा इंफ्राटेक को पंजीकृत किया.

जिस गोल्डन एरा इंफ्राटेक के नाम का उपयोग कर यह पूरा घोटाला किया गया, उसके असली मालिक और डायरेक्टर भी अतुल गर्ग ही हैं. पावर ऑफ अर्टानी में अतुल ने ऐसा कोई जिक्र नहीं किया. उसके बाद जब उन्होंने भाई प्रवीण और भतीजे शाश्वत को अधिकृत किया तो आर्केडिया हिलाक्स में निवेशकों के करोड़ों रुपये निवेश कराए गए. फ्लैट बुक किए गए, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई. पहले में जिन फ्लैट की रजिस्ट्री कराई जा चुकी थी, उनके भी फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बैंक और निजी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया. जिस जमीन पर आर्केडिया हिलाक्स का निर्माण हुआ है. उस पर गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के डेवलपर्स व डायरेक्टर ने विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी बैंकों व वित्तीय संस्थाओं से ऋण लिया हुआ है. यह ऋण निवेशकों के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर लिया गया है. आरोप है कि इस प्रोजेक्ट में जिन लोगों के फ्लैट के नाम पर फर्जी तरीके से लोन लिया गया है.

बिल्डर शाश्वत गर्ग, पत्नी साक्षी, पिता, मां और बेटे के साथ 17 अक्टूबर से लापता हैं. वह परिवार के साथ 16 अक्टूबर को अपने ससुराल हापुड़ थे. 17 अक्टूबर की दोपहर वहां से देहरादून के लिए निकले थे. वह दो कारों सवार में थे. उनके साले सुलभ गोयल ने हापुड़ कोतवाली में जीजा व उनके परिवार के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है.

थाना राजपुर प्रभारी प्रदीप रावत ने बताया पीड़ित की तहरीर के आधार पर शाश्वत गर्ग, उनकी पत्नी साक्षी गर्ग, पिता प्रवीण गर्ग, मां अंजली गर्ग, रिश्तेदार अतुल गर्ग (राजनगर गाजियाबाद , शाश्वत का साले सुलभ गोयल और कुशाल गोयल (हापुड़), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया राजपुर देहरादून के अधिकारी और कर्मचारी, पिरामल दिवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन के अधिकारी सहित कर्मचारी राजपुर रोड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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