उत्तराखंड वन विभाग को नया मुखिया मिल गया है. राज्य सरकार ने अब वन विभाग में प्रमुख वन संरक्षक हॉफ पद के लिए रंजन कुमार मिश्र का चयन किया है. समीर सिन्हा की सेवानिवृत्ति के बाद अब नई जिम्मेदारी रंजन कुमार को दी गई है.
उत्तराखंड शासन ने रंजन कुमार मिश्र को प्रभागीय वन संरक्षक (हॉफ), देहरादून के पद पर पदोन्नति के साथ तैनाती दे दी है. वर्ष 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी रंजन कुमार मिश्र को चयनोपरांत संवर्ग में स्तर-17 पर पदोन्नत कर कार्यभार ग्रहण करने के आदेश जारी किए गए हैं.
शासन सचिव सी रविशंकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्यपाल से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त होने के बाद यह पदस्थापन प्रभावी होगा. आदेश की प्रति पर्यावरण मंत्रालय, मुख्य सचिव, वन निदेशालय समेत सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है.
आईएफएस समीर सिन्हा के रिटायरमेंट के बाद अब रंजन कुमार मिश्र को वन विभाग का नया मुखिया बनाया गया है. समीर सिन्हा 1990 बैच के आईएफएस अधिकारी थे, जो 30 नवंबर को सेवानिवृत हो गए हैं. जबकि 1 दिसंबर से नए हॉफ की तैनाती आदेश का इंतजार किया जा रहा था. 25 नवंबर को नए हॉफ के लिए डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) शासन में की गई थी. अब डीपीसी के अनुसार ही रंजन कुमार को प्रमुख वन संरक्षक हॉफ की जिम्मेदारी दे दी गई है.
खास बात यह है कि वन विभाग में समीर सिन्हा के बाद इस वक्त सबसे सीनियर अधिकारी के रूप में भवानी प्रकाश गुप्ता (बीपी गुप्ता) मौजूद हैं. लेकिन उन्हें सरकार ने प्रमुख वन संरक्षक हॉफ की जिम्मेदारी नहीं दी है. बीपी गुप्ता 1992 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं, हालांकि 31 दिसंबर को वह सेवानिवृत हो रहे हैं और उनके पास केवल एक महीने का ही समय है. ऐसे में सरकार ने उन्हें जिम्मेदारी न देते हुए सीनियरिटी में नंबर दो पर मौजूद 1993 बैच के रंजन कुमार को यह जिम्मेदारी दी है.