बीते दिन पार्षद द्वारा महिला सफाई कर्मचारी से मारपीट करने और हाथ तोड़ने के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मामले के बाद शहर के 100 वार्डों में सफाई-व्यवस्था पर संकट आ गया. जिसके बाद सफाई कर्मचारी संघ ने मेयर और नगर आयुक्त के साथ बैठक की. जिसमें होली पर्व और आगामी विधानसभा सत्र तक साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने व कार्य बहिष्कार को वापस लिए जाने पर निर्णय हुआ. लेकिन वार्ड संख्या 38 में पार्षद एवं संबंधित सफाई कर्मचारियों के मध्य विवाद का समाधान होने तक कार्य बहिष्कार यथावत जारी रहेगा.
बता दें कि पीड़ित महिला सफाईकर्मी ने आरोप लगाया कि पंडितवाड़ी वार्ड-38 के पार्षद ने नाली की गंदगी साफ करने को लेकर उसे बुलाया और काम में देरी का कारण पूछते हुए बदसलूकी की. विरोध करने पर पार्षद उलटे नाराज हो गए और धक्का-मुक्की व मारपीट की. जिसके बाद सफाई कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया और सफाई कर्मचारियों द्वारा वार्डों से कूड़ा नहीं उठने के कारण जगह-जगह गंदगी देखने को मिल रही है.
जिसके बाद सफाई कर्मचारी यूनियन द्वारा इस प्रकरण का ज्ञापन देकर शासन से कार्रवाई की मांग की गई थी. जिसके बाद बीते दिन सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सोनू खेरवाल, सचिव धीरज भारती और नगर निगम महासंघ के अध्यक्ष सतेंद्र कुमार द्वारा महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल के समक्ष उचित कार्रवाई की मांग की गई.
बैठक में नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया गया कि उनके द्वारा शासन को पत्र लिखकर भेज दिया गया है और नगर निगम के कर्मचारियों पार्षद के लिए आचरण नियमावली के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का प्रस्ताव भी दिया गया है. जिससे जनहित में किसी भी प्रकार का घटना घटित ना और कार्य बाधित न हो पाए. वार्ता के बाद कर्मचारी संघ द्वारा यह निर्णय लिया गया कि आगामी होली पर्व और आगामी विधानसभा सत्र को मद्देनजर रखते हुए शहर की समुचित और साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के हित में कार्य बहिष्कार को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है.