सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कालोनी में बिल्डर की गुंडागर्दी पर जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने संज्ञान लिया है. जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गुंडा एक्ट में नोटिस जारी करते हुए 7 दिन के भीतर प्रति जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं. उत्तर प्राप्त न होने के की दशा में जिला बदर की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी. एटीएस कॉलोनी के लोगों ने शनिवार को 6 घंटे तक बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था.
बता दें विवादित बिल्डर पर दीपावली में नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने और लाइसेंसी शस्त्र को प्रदर्शित करने पर डीएम ने शस्त्र लाईसेंस धारक पुनीत अग्रवाल की लापरवाही मानते हुए उनका शस्त्र जब्त करते हुए शस्त्र लाईसेंस निलम्बित कर दिया था. आरोपी बिल्डर पर डीआरडीओ वैज्ञानिक के साथ मारपीट और उत्पीड़न, नशे में धुत होकर एटीएस आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के साथ मारपीट, बच्चों से गाली गलौच करने जैसे कई मामले दर्ज हैं.
एटीएस निवासी प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिल्डर पुनीत अग्रवाल पिछले कई सालों से कॉलोनी के अंदर रहने वाले लोगों से अभद्रता कर रहा है. आरोप है पुनीत अग्रवाल ने गाली गलौज के साथ-साथ लोगों से मारपीट भी की हैं. स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से भी की, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद कोई ठोश कार्रवाई नहीं हुई. कॉलोनीवासियों का कहना है कि प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करें ताकि कॉलोनी के अंदर शांति व्यवस्था बनी रहे.
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया जनमानस महिला, बुजुर्ग बच्चे, असहायों की सुरक्षा के मद्देनजर समय-समय पर कड़े एक्शन लिए हैं. साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि कानून हाथ में लेकर ऐसा कृत्य करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. बिल्डर के विरूद्ध बीएनएस की धारा 115 (2), 351(2), 352, 74,126(2), 324(4), 447 में चार मुकदमें दर्ज हैं. बिल्डर ने आए दिन कोई न कोई विवाद किए जा रहे हैं. जनमानस की सुरक्षा के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए बिल्डर के खिलाफ गुंडा एक्ट में बुक करते हुए जिला बदर की तैयारी कर दी है.