Tehri Lok Sabha Seat पर वादों और दावों की बयार के बीच मतदाता की चुप्पी, ये मुद्दे सियासी जुबान पर – Doon Ujala

Tehri Lok Sabha Seat पर वादों और दावों की बयार के बीच मतदाता की चुप्पी, ये मुद्दे सियासी जुबान पर

उच्च हिमालय क्षेत्र से लेकर तराई तक पर्वतीय, घाटी और मैदानी भूभाग को स्वयं में समेटे टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट की जंग में सूरमाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। भाग्यविधाता की चौखट पर दस्तक दे रहे प्रत्याशियों, समर्थकों और दलों के बीच से दावों, वादों की बयार भी खूब बह रही है। फिजां में राष्ट्रीय के साथ स्थानीय मुद्दों की तासीर भी गर्म है।

परिणामस्वरूप यहां की शांत वादियों में चुनावी गर्माहट घुलने लगी है। इस सबके बीच अभी तक की तस्वीर पर नजर दौड़ाएं तो मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी एवं सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह और कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला के बीच दिख रहा है।

निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बाबी पंवार भी क्षेत्र विशेष में सक्रिय दिख रहे हैं। मतदाता चौखट पर आने वाले नेताजी की बात को खामोशी से सुन रहे हैं, लेकिन किसी तरह के संकेत देने में पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।

भूगोल भी कम जटिल नहीं

टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पूरब में पौड़ी, दक्षिण में हरिद्वार, पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और उत्तर में चीन सीमा से सटी हुई है। 14 विधानसभा सीटों को स्वयं में समेटे इस सीट का भूगोल काफी जटिल है। इसमें आठ विधानसभा क्षेत्र विशुद्ध पर्वतीय और शेष मैदानी स्वरूप लिए हैं। मुद्दों और समीकरण के लिहाज से पर्वतीय क्षेत्र के मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। संसदीय सीट के अंतर्गत 70 प्रतिशत ग्रामीण और शेष नगरीय क्षेत्र है।

दल-निर्दल दोनों चख चुके जीत का स्वाद

लोकसभा चुनावों के आलोक में इस सीट के सियासी परिदृश्य पर नजर दौड़ाएं तो जनता ने सात बार भाजपा और आठ बार कांग्रेस को यहां से प्रतिनिधित्व सौंपा। केवल दो ही ऐसे मौके आए, जब एक बार निर्दल और एक बार जनता दल के पास टिहरी संसदीय सीट रही। इस चुनाव में यहां भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों व निर्दल के रूप में 11 प्रत्याशी मैदान में हैं।

मुख्य मुकाबले में दिख रहे प्रत्याशी

भाजपा: माला राज्य लक्ष्मी शाह

टिहरी राज परिवार से ताल्लुक रखने वाली माला राज्य लक्ष्मी शाह को यहां भाजपा ने फिर से मैदान में उतारा है। एक उपचुनाव और पिछले दो आम चुनावों से वह निरंतर इस सीट का प्रतिनिधित्व करती आ रही हैं।

वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता, पार्टी संगठन का मजबूत सांगठनिक ढांचा, केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियां व योजनाएं, राज परिवार के प्रति जनता का आदर भाव के बूते मैदान में हैं। साथ ही आल वेदर रोड, मुफ्त राशन सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों को जनता के बीच रख रही हैं। साथ ही पिछली बार जो कार्य अधूरे रह गए थे, उन्हें पूरा करने का आश्वासन दे रही हैं।

कांग्रेस: जोत सिंह गुनसोला

कांग्रेस ने इस सीट पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला को प्रत्याशी बनाया है। वह दो बार मसूरी नगर पालिका के अध्यक्ष और दो बार ही मसूरी विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह वर्तमान सांसद की एंटी इनकमबेंसी, कांग्रेस के कैडर वोट और मसूरी विधानसभा क्षेत्र में पकड़ को अपना मजबूत पक्ष बता रहे हैं। साथ ही वह केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों को जनता के बीच पैठ बनाने की कोशिश में जुटे हैं।

दलीय ताकत

भाजपा

टिहरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत भाजपा का बूथ स्तर तक मजबूत सांगठनिक ढांचा है। लोकसभा क्षेत्र में आने वाली 14 विधानसभा सीटों में 11 भाजपा के पास हैं, जबकि एक निर्दलीय विधायक का भी उसे समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा 12 ब्लाक प्रमुख, एक जिला पंचायत अध्यक्ष, एक महापौर, 40 जिला पंचायत सदस्य और पांच नगर पालिका व नगर पंचायतों के निवर्तमान अध्यक्ष भाजपा के हैं।

कांग्रेस

टिहरी सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा की चकराता और प्रतापनगर सीट ही कांग्रेस के पास हैं। एक जिला पंचायत अध्यक्ष, 20 जिला पंचायत सदस्य, एक ब्लाक प्रमुख और नगर पालिका व नगर पंचायतों के पांच निवर्तमान अध्यक्ष कांग्रेस के हैं।

पिछले लोकसभा चुनाव में मिले मत

  • दल, प्रतिशत
  • भाजपा, 64
  • कांग्रेस, 30

टिहरी सीट पर मतदाता

  • महिला-761783
  • पुरुष-815819
  • ट्रांसजेंडर – 62
  • कुल मतदाता – 1577664

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